प्रेम
श्री कृष्ण का श्राप
कथा के अनुसार, राधा रानी से भयंकर अपराध हुआ जिससे क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने उन्हें श्राप दे दिया।
ग्रंथ की नहीं जानकारी
इस कथा को किस ग्रंथ में लिखी है इसकी कोई जानकारी नहीं है।
गोलोक में रास
जब श्री कृष्ण और राधा रानी गोलोक में रास रचा रहे थे, तब अचानक से श्री कृष्ण रास के माध्य से कहीं चले गए।
राधा की इच्छा
राधा रानी अकेले रह गई, तब उनके हृदय में इच्छा जागी कि गोलोक में भी एक बालक हो।
नन्हा बालक
राधा रानी ने सोचा और तभी एक नन्हा सा बालक गोलोक में प्रकट हो गया।
सुंदर बालक
राधा रानी परम सुंदरी हैं उनकी कल्पना का बालक भी परम तेजस्वी था।
मनमोहन
इतना मनमोहक रूपवान था जिसकी वाख्या कर पाना भी संभव नहीं।
समस्त ब्रह्मांड
राधा रानी ने जब उस बालक को गोद में लिया तो बालक ने मुख खोलकर दिखाया जिसमें समस्त ब्रह्मांड था।
पानी में समाहित
यह देख राधा रानी ने उस बालक को पानी में समाहित कर दिया।
संतान रहित
श्री कृष्ण को इस बारे में पता चला तो उन्होंने राधा रानी को संतान रहित रहने का श्राप दिया।
सच या झूठ
लेकिन इस कथा में कितनी सच्चाई है ये बता पाना मुश्किल है।
