'जानबूझकर बनाया गया था कोरोना वायरस' चीनी शोधकर्ताओं का दावा

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पूरे देश को मंदी और हेल्थ इमरजेंसी में धकेलने वाले कोरोना वायरस को लेकर एक और नई जानकारी सामने आई है।

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वुहान इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता ने दावा किया है कि कोरोना वायरस एक मानव निर्मित वायरस है और इसे चीन ने जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए बनाया था।

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2019, 2020 और 2021 तीन साल पूरी दुनिया के लिए बुरे सपने जैसे रहे। क्योंकि इन तीन सालों में दुनिया ने जो अनुभव किया है उसे लोग दोहराने से बचते हैं। 

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दुनिया भर के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि यह वायरस चीन से दुनिया में फैला और चीन ने जानबूझकर ऐसा किया। 

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अब एएनआई ने एक पुराने इंटरव्यू का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, वुहान के एक शोधकर्ता ने भी कोरोना संक्रमण के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है।

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वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोधकर्ता चाओ शाओ ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि कोरोना वायरस जानबूझकर बनाया गया था।

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इंटरनेशनल प्रेस एसोसिएशन की पत्रकार जेनिफर झेंग ने 2019 में यह साक्षात्कार आयोजित किया था। जेनिफर को चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर की खबरें देने के लिए जाना जाता है।

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26 मिनट के इंटरव्यू में चाओ शाओ ने कहा कि शोधकर्ता शान चाओ ने कोरोना के चार स्ट्रेन बनाए थे। उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा गया।

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साथ ही यह पता लगाने को भी कहा गया कि इन चारों में से कौन सा स्ट्रेन सबसे ज्यादा असरदार है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस एक जैविक हथियार है।

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कुछ अधिकारियों को उन होटलों में भेजा गया जहां विभिन्न देशों के एथलीट स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति की जांच करने के लिए रुके थे।

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चाओ शाओ ने संदेह व्यक्त किया है कि स्वच्छता की जांच के लिए वायरोलॉजी की कोई आवश्यकता नहीं है।

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शोधकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि ये अधिकारी जांच करने नहीं बल्कि वायरस फैलाने या यह देखने गए थे कि वायरस प्रभावी है या नहीं।

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