चार्जिंग पोर्ट की जगह क्यों तय होती है।

20 Jan 2026

By: Simran Singh

NavBharat Live Desk

क्या आपने कभी गौर किया है कि लगभग हर स्मार्टफोन में चार्जिंग पोर्ट नीचे ही क्यों दिया जाता है? यह सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया फैसला है।

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वाल जो हर यूजर के मन में

फोन को चार्जिंग पर लगाकर इस्तेमाल करना नीचे पोर्ट होने पर ज्यादा आसान होता है। इससे हाथ में पकड़ और बैलेंस बेहतर रहता है।

यूजर को आसान इस्तेमाल देने के लिए

चार्जिंग पोर्ट के पास ही अक्सर स्पीकर और माइक्रोफोन होते हैं, जिससे कॉल और मीडिया का साउंड बेहतर तरीके से काम करता है।

स्पीकर और माइक्रोफोन की सही जगह

नीचे पोर्ट होने से अंदर की वायरिंग छोटी रहती है, जिससे फोन हल्का बनता है और खराबी की संभावना कम होती है।

वायरिंग को छोटा रखने की मजबूरी

अधिकतर स्मार्टफोन में बैटरी बीच में लगी होती है। नीचे पोर्ट होने से बैटरी तक कनेक्शन आसान और सुरक्षित रहता है।

बैटरी डिजाइन से जुड़ा कारण

अगर फोन चार्जिंग के दौरान गिर जाए, तो नीचे पोर्ट होने से केबल और पोर्ट पर कम दबाव पड़ता है।

फोन गिरने से कम नुकसान

Apple, Samsung, Xiaomi जैसे ब्रांड्स ने नीचे पोर्ट को स्टैंडर्ड डिजाइन बना दिया है, ताकि एक्सेसरीज़ सभी में काम करें।

इंडस्ट्री स्टैंडर्ड बन चुका है

ऊपर पोर्ट होने से कॉल, वीडियो और गेमिंग के दौरान हाथ से केबल टकराने की समस्या आती है।

ऊपर पोर्ट देने में क्या दिक्कत?

नीचे पोर्ट को वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ बनाना आसान होता है, क्योंकि इसका सीधा संपर्क कम होता है।

वॉटर और डस्ट से सुरक्षा

सुविधा, सेफ्टी, डिजाइन और तकनीक इन सभी वजहों से चार्जिंग पोर्ट नीचे देना सबसे सही विकल्प माना जाता है।

इसलिए हर फोन में नीचे ही होता है पोर्ट

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