By: Simran Singh
NavBharat Live Desk
क्या आपने कभी गौर किया है कि लगभग हर स्मार्टफोन में चार्जिंग पोर्ट नीचे ही क्यों दिया जाता है? यह सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया फैसला है।
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फोन को चार्जिंग पर लगाकर इस्तेमाल करना नीचे पोर्ट होने पर ज्यादा आसान होता है। इससे हाथ में पकड़ और बैलेंस बेहतर रहता है।
चार्जिंग पोर्ट के पास ही अक्सर स्पीकर और माइक्रोफोन होते हैं, जिससे कॉल और मीडिया का साउंड बेहतर तरीके से काम करता है।
नीचे पोर्ट होने से अंदर की वायरिंग छोटी रहती है, जिससे फोन हल्का बनता है और खराबी की संभावना कम होती है।
अधिकतर स्मार्टफोन में बैटरी बीच में लगी होती है। नीचे पोर्ट होने से बैटरी तक कनेक्शन आसान और सुरक्षित रहता है।
अगर फोन चार्जिंग के दौरान गिर जाए, तो नीचे पोर्ट होने से केबल और पोर्ट पर कम दबाव पड़ता है।
Apple, Samsung, Xiaomi जैसे ब्रांड्स ने नीचे पोर्ट को स्टैंडर्ड डिजाइन बना दिया है, ताकि एक्सेसरीज़ सभी में काम करें।
ऊपर पोर्ट होने से कॉल, वीडियो और गेमिंग के दौरान हाथ से केबल टकराने की समस्या आती है।
नीचे पोर्ट को वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ बनाना आसान होता है, क्योंकि इसका सीधा संपर्क कम होता है।
सुविधा, सेफ्टी, डिजाइन और तकनीक इन सभी वजहों से चार्जिंग पोर्ट नीचे देना सबसे सही विकल्प माना जाता है।