इस खास पर्व का क्यों पड़ा पोला नाम, इन राज्यों में मचती हैं धूम
पोला पर्व देशभर में 2 सितंबर को मनाया जाने वाला हैं यह छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में खास तरीके से मनाते है। इस पर्व से जुड़ी कथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंध रखती है।
कब हैं पोला पर्व
सितंबर की शुरूआत में 2 सितंबर को पोला पर्व मनाया जाता है।
किन राज्यों में खास
छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में खास तरीके से मनाते है।
बैलों की पूजा
इस दिन पर किसान सुबह से अपने बेलों को नहलाकर पूजा करते हैं मीठा खिलाते है।
कैसे पड़ा नाम
पौराणिक कथा के अनुसार, मामा कंस के भेजे पोलासुर नामक असुर का वध किया था जब से पोला कहा जाने लगा।
खास पकवान
पोला पर्व के मौके पर गेंहूं के आटे से मीठे ठेठरी-खुरमी बनाया जाता है।
ये परंपरा हैं खास
इस दिन मिट्टी और लकड़ी से बने बैल चलाने की भी परंपरा होती हैं जो बाजार में पहले से मिलने लगते है।

