42 दिन, 70 चोरी और 8 गिरफ्तार…राम मंदिर चढ़ावा केस में SIT रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे!
Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच में 42 दिनों में 70 बार चोरी के सबूत मिलने का दावा किया गया। FIR के बाद 8 आरोपी गिरफ्तार हुए।
- Written By: अर्पित शुक्ला
अयोध्या राम मंदिर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के दौरान पता चला कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच महज 42 दिनों में 70 बार चोरी की घटनाएं हुईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसआईटी को चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अहम साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एसआईटी ने 27 अप्रैल से 5 जून तक की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विस्तृत विश्लेषण किया। जांच में भेंट एवं चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, नकदी के संचालन और रिकॉर्ड प्रबंधन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंटिंग रिकॉर्ड का रखरखाव बेहद कमजोर था और चढ़ावे के वितरण की व्यवस्था में भी कई अनियमितताएं मिलीं।
आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर्याप्त मजबूत नहीं थी। निगरानी और जवाबदेही को लेकर स्पष्ट व्यवस्था का अभाव पाया गया। एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई और ट्रस्ट से जुड़े कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर भी सामने आई।
सम्बंधित ख़बरें
रामलला के दरबार पहुंचे अरविंद केजरीवाल! चढ़ावा चोरी को बताया ‘महापाप’, बोले- FIR तो सिर्फ दिखावा
मायावती ने पाला, अखिलेश ने निकाला और अब सीएम योगी ने दी बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा में उपाध्यक्ष बनीं पूजा पाल
Explainer: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 आरोपी गिरफ्तार, जानिए किसकी क्या थी जिम्मेदारी, कौन था मास्टरमाइंड?
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दिया इस्तीफा, अनिल मिश्रा ने भी छोड़ा पद
चोरी की पुष्टि के बाद हुई कार्रवाई
खबरों के मुताबिक, दान राशि में चोरी की पुष्टि होने के बाद ही गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि, सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में प्रसारित कई दावों की जांच में पुष्टि नहीं हुई और एसआईटी ने उन्हें तथ्यहीन बताया है।
तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट भी खंगाली
एसआईटी ने वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों का भी परीक्षण किया। जांच में हुंडियों की संख्या और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच अंतर, सीमित सीसीटीवी कवरेज तथा केवल कागजों तक सीमित सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसी कमियां सामने आईं।
चांदी की ईंटों को लेकर वायरल दावे गलत
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल चांदी की ईंटों से जुड़े दावों की भी पड़ताल की गई। एसआईटी के अनुसार, अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों के गायब होने संबंधी दावे सही नहीं पाए गए। ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दोनों दानों का पूरा विवरण मौजूद है। पहली बार 21 जुलाई 2020 और दूसरी बार 28 जुलाई 2020 को चांदी दान की गई थी। अभिलेखों के अनुसार कुल 38 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई थी। इनमें 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें दर्ज हैं, जिन्हें गलाकर बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
मामले की जांच जारी रहने के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी दौरान पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
यह भी पढ़ें- भरोसे से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं… देवरिया में गरजे सीएम योगी, अखिलेश की सपा पर किया अब तक का सबसे बड़ा हमला
आठ आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
एफआईआर में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
