ओडिशा के चर्चित नबरंगपुर ट्रिपल मर्डर के 19 गुनहगारों को उम्रकैद, 10 साल बाद न्याय, अंधविश्वास ने ली थी 3 जान
Odisha Triple Murder Case: ओडिशा के नबरंगपुर की एक अदालत ने 2016 के चर्चित तिहरे हत्याकांड और आगजनी मामले में 19 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Nabarangpur Court Verdict: ओडिशा के चर्चित रहे नबरंगपुर हत्याकांड पर फैसला आ गया। पुरानी रंजिश और अंधविश्वास के चलते हुई इस क्रूर वारदात में 10 साल बाद फैसला हुआ है।
ओडिशा के नबरंगपुर जिले से बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने एक दशक पुराने उस जख्म को फिर से हरा कर दिया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। एक हिंसक झड़प, तीन लोगों की बेदर्दी से हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए आगजनी का अंत अब अदालत ने 19 दोषियों को सलाखों के पीछे भेजकर किया है।
साल 2016 का वो दिन
यह मामला साल 2016 का है, जब नबरंगपुर जिले के एक गांव में हिंसक झड़प के दौरान तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने न केवल हत्या की, बल्कि वारदात के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर आगजनी भी की ताकि सबूतों को नष्ट किया जा सके। इस जघन्य अपराध ने उस समय पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और इलाके में भारी तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।
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पुरानी रंजिश और अंधविश्वास
पुलिस जांच में इस हत्याकांड के पीछे जो वजहें सामने आईं, वे बेहद चौंकाने वाली थीं। जांच के अनुसार, इस खूनी खेल की मुख्य जड़ ‘पुरानी रंजिश’ और ‘अंधविश्वास’ थी। आपसी विवाद और कूप्रथाओं के चलते एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके तहत तीन मासूम जिंदगियों को मौत के घाट उतार दिया गया। अदालत ने भी माना कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि दोषियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत इस अपराध को अंजाम दिया था।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया फैसला
पिछले 10 सालों से इस मामले की सुनवाई नबरंगपुर की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने दोषियों के खिलाफ बेहद मजबूत दलीलें पेश कीं। इस केस को सुलझाने में प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि बचाव पक्ष ने आरोपों को खारिज करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन अदालत ने पेश किए गए सबूतों को दोषियों को सजा देने के लिए पर्याप्त माना।
19 दोषियों को उम्रकैद
अदालत ने हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोपों को सही पाते हुए सभी 19 आरोपियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे क्योंकि यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा था। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इतने वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें न्याय मिला है।
