अंकिता पटेल
हर साल अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को World Egg Day मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अंडे के पोषण और खानपान में इसकी उपयोगिता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
World Egg Day की शुरुआत 1996 में ऑस्ट्रिया के वियना में हुई थी। तब से अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को अंडे के महत्व और इसके पोषण संबंधी गुणों को लेकर जागरूकता फैलाई जाती है।
अंडे में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है। संतुलित आहार में इसे शामिल करना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने का एक तरीका हो सकता है।
अंडे में विटामिन B12, राइबोफ्लेविन और कोलीन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। ये शरीर के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं।
अंडे की सफेदी में मुख्य रूप से प्रोटीन और पानी होता है, जबकि पीले हिस्से में वसा, कोलीन और कई विटामिन मिलते हैं। इसलिए पूरा अंडा अलग-अलग पोषक तत्व उपलब्ध कराता है।
उबला अंडा, ऑमलेट, भुर्जी, एग करी और एग सैंडविचॉ अंडे को कई तरीकों से बनाया जा सकता है। अपनी पसंद के अनुसार इसमें सब्जियां और अन्य पौष्टिक सामग्री जोड़कर भोजन को विविध बनाया जा सकता है।
व्यायाम करने वाले कई लोग अपने भोजन में अंडा शामिल करते हैं, क्योंकि इसमें प्रोटीन होता है। हालांकि, शरीर की जरूरत उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार बदलती है।
अंडा बच्चों के विविध और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। छोटे बच्चों को अंडा देते समय उनकी उम्र, खाने की बनावट और एलर्जी की संभावना का ध्यान रखें। बच्चों को कच्चा या अधपका अंडा देने से बचें।
कच्चे या अधपके अंडे से साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा हो सकता है। अंडों को अच्छी तरह पकाएं, उन्हें साफ तरीके से संभालें और टूटे या गंदे अंडों के इस्तेमाल से बचें।
वर्ल्ड एग डे हमें अंडे के पोषण और इसकी बहुमुखी उपयोगिता को समझने का मौका देता है। इसे अपनी जरूरत और खानपान की पसंद के अनुसार संतुलित आहार में शामिल करें।