सिमरन सिंह
फोन को बिना वायर के चार्ज करना आसान जरूर है, लेकिन रोजाना इस्तेमाल बैटरी हेल्थ पर असर डाल सकता है।
अब कार, कैफे, एयरपोर्ट और यहां तक कि सोफा में भी Wireless Charging पॉड मिलने लगे हैं।
बस फोन पैड पर रखिए और चार्जिंग शुरू। इसी वजह से लोग तेजी से वायरलेस चार्जिंग अपना रहे हैं।
Wireless Charging वायर्ड चार्जिंग के मुकाबले ज्यादा हीट पैदा करती है, जो बैटरी लाइफ कम कर सकती है।
चार्जिंग पैड में मौजूद ट्रांसमीटर कॉयल मैग्नेटिक फील्ड बनाती है, जिससे एनर्जी ट्रांसफर होती है। इसी प्रोसेस में हीट पैदा होती है।
Wireless Charging में काफी पावर हीट में बदल जाती है, जबकि Wired Charging ज्यादा एफिशिएंट मानी जाती है।
लगातार हीट बनने से बैटरी की हेल्थ धीरे-धीरे खराब होने लगती है। इसलिए इसे प्राइमरी चार्जिंग मेथड न बनाएं।
फोन चार्ज करते समय गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग या भारी ऐप्स का इस्तेमाल करने से हीट और बढ़ जाती है।
चार्जिंग के दौरान मोटा कवर फोन की गर्मी बाहर नहीं निकलने देता, जिससे बैटरी पर असर पड़ सकता है।
हाई क्वालिटी चार्जर इस्तेमाल करें, 80% तक ही चार्ज करें, ज्यादा गर्म होने पर चार्जिंग रोक दें, रोजाना Wired Charging को प्राथमिकता दें