प्रीति शर्मा
अक्सर आपने देखा होगा कि सिंथेटिक कपड़े पहनते ही वे शरीर से चिपकने लगते हैं।
इसका कारण स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी है। यह स्किन या कपड़े से रगड़ते ही मैग्नेट की तरह चिपकते हैं।
रगड़ लगने की वजह से कपड़ों की सतह पर इलेक्ट्रॉन का आदान-प्रदान होता है।
कॉटन जैसे नेचुरल फैब्रिक हवा से नमी सोख लेते हैं जिससे चार्ज डिस्चार्ज हो जाता है।
पॉलिस्टर और नायलॉन जैसे कपड़े नमी नहीं सोखते जिससे चार्ज लंबे समय तक बना रहता है।
गर्मियों में जब पसीना आता है तो सिंथेटिक कपड़े हवा पास नहीं होने देते।
पसीना सोखने में नाकाम सिंथेटिक कपड़े स्किन पर वैक्यूम की तरह चिपक जाते हैं।
चिपके हुए कपड़े न केवल असहज होते हैं बल्कि स्किन और फैब्रिक के बीच घर्षण बढ़ा देते हैं।