सुनीता पांडे
दरअसल, रोटी बनाने का बर्तन तवा राहु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग नागपंचमी के दिन वर्जित है।
शास्त्रों के अनुसार रोटी बनाने के लिए जिस तवे का इस्तेमाल किया जाता है, उसे नाग का फन माना जाता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन चूल्हे पर तवा रखना मना है।
नागपंचमी के अलावा कई और भी ऐसे मौके हैं जिस दिन चूल्हे पर तवा रखने से धन की हानि की बात कही जाती है।
मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन धन की देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन घर में कच्ची रसोई निषेध है।
शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा करते समय बासी खाने का भोग लगाते हैं। फिर उस बचे हुए खाने को प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। इस दिन रोटी बनाने से माता नाराज हो जाती हैं।
शास्त्रों में दीपावली के दिन घर में रोटियां बनाने की मनाही है। धन की देवी लक्ष्मी की की पूजा के इस दिन खास तरह के पकवान बनाने का नियम है।
पुराणों के अनुसार जिस घर में मृत्यु हुई होती है ऐसे घर में 13 दिनों तक चूल्हा जलाने की मनाही होती है। इस दौरान चूल्हे पर तवा रखना मना है।