सिमरन सिंह
हर साल देश के वित्त मंत्री आम बजट लोकसभा में पेश करते हैं। हालाँकि, बजट राज्यसभा में भी पेश किया जाता है।
लोकतांत्रिक देश में देश की जनता अपने प्रतिनिधि चुनकर लोकसभा में भेजती है और सरकारी खजाने में जनता का पैसा होता है।
चाहे टैक्स के ज़रिए सरकारी खजाने में पैसा जमा करना हो या उसे निकालना हो, लोकसभा की मंज़ूरी ज़रूरी होती है।
सरकार को दो विधेयक पेश करने होते हैं, खजाने में पैसा जमा करने के लिए वित्त विधेयक और उसे निकालने के लिए विनियोग विधेयक।
ये दोनों विधेयक धन से जुड़े होते हैं, इसीलिए इन्हें धन विधेयक कहा जाता है, सरकार इसे सिर्फ़ लोकसभा में ही पेश करती है।
इसी वजह से आम बजट सिर्फ़ लोकसभा में ही पेश किया जाता है, राज्यसभा में नहीं।
राज्यसभा में बजट को लेकर अगर कोई सुझाव दिया जाता है तो सरकार उसे मानने के लिए बाध्य नहीं है।