अंकिता पटेल
माँ की भक्ति में कपड़ों का रंग भी मायने रखता है। जानिए किन रंगों से दूरी बनाना शुभ माना जाता है।
नवरात्रि में हर दिन देवी के एक स्वरूप की पूजा होती है। मान्यता है कि सही रंग पहनने से मन में सकारात्मकता और श्रद्धा बढ़ती है।
काले रंग को पूजा-पाठ और शुभ अवसरों में आमतौर पर वर्जित माना जाता है। इसलिए नौ दिनों तक काले कपड़ों से बचना बेहतर समझा जाता है।
बहुत गहरे भूरे, स्लेटी या मटमैले रंग उत्सव की ऊर्जा से मेल नहीं खाते। इनकी जगह खिले और चमकदार रंग चुनें।
दुपट्टा, स्टोल, बेल्ट या चूड़ियाँ, इनमें भी काले रंग से परहेज़ करें। छोटी बातें ही पूजा की पवित्रता बनाए रखती हैं।
रंग के साथ साफ़-सुथरे और धुले हुए कपड़े पहनें। फटे, मैले या बहुत पुराने कपड़े पूजा के समय शुभ नहीं माने जाते।
हर दिन के लिए तय रंग देवी के स्वरूप से जुड़ा होता है। कोशिश करें कि उस दिन उसी रंग या उससे मिलते-जुलते शुभ रंग पहनें।
लाल, पीला, हरा, नारंगी, गुलाबी और सफ़ेद जैसे रंग नवरात्रि में शुभ और शुद्ध माने जाते हैं। ये उत्सव का उत्साह भी बढ़ाते हैं।
यह नियम सब पर लागू माना जाता है। परिवार में सभी मिलकर हल्के और खिले रंग चुनें, ताकि घर का माहौल भक्तिमय बना रहे।