सिमरन सिंह
नए SIM Binding नियम से बदल सकता है WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका। जानें आपके फोन पर क्या असर पड़ सकता है।
SIM Binding का मतलब है मोबाइल नंबर और सिम को डिवाइस पर मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल से जोड़ना। इसका मकसद अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रजिस्टर्ड सिम की मौजूदगी जरूरी हो सकती है। हालांकि, सिम निकालते ही अकाउंट लॉगआउट होने का दावा आधिकारिक पुष्टि के बिना न करें।
अगर आप एक फोन में सिम रखकर दूसरे फोन में Wi-Fi से WhatsApp चलाते हैं, तो नियमों का वास्तविक असर लागू होने वाली शर्तों पर निर्भर करेगा।
सिम बाइंडिंग का उद्देश्य फर्जी नंबरों और ऑनलाइन ठगी के लिए मैसेजिंग अकाउंट के दुरुपयोग को रोकने में मदद करना है।
मैसेजिंग ऐप्स पर लागू होने वाली शर्तें अलग हो सकती हैं। Telegram समेत सभी ऐप्स पर नियमों का समान असर होने की पुष्टि जरूरी है।
अगर आपका पुराना नंबर बंद हो चुका है, तो अकाउंट की सुरक्षा पर ध्यान दें। नंबर दोबारा किसी और को आवंटित होने पर जोखिम हो सकता है।
WhatsApp की Settings में जाकर Account और फिर Change Number चुनें। स्क्रीन पर दिए निर्देशों के अनुसार नया नंबर अपडेट करें।
जरूरी चैट का बैकअप रखें और अपना चालू नंबर इस्तेमाल करें। OTP किसी के साथ साझा न करें और अनजान लिंक से बचें।
DoT की आधिकारिक घोषणा और WhatsApp के निर्देश जरूर जांचें। लागू होने की तारीख और नियमों की पुष्टि के बिना घबराकर अपना अकाउंट न बदलें।