सुनीता पांडे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ करेंगे।
CM Yogi PM Modi
17 सितंबर को लांच हो रही इस योजना को तीन मंत्रालयों एमएसएमई, कौशल विकास और वित्त मंत्रालय मिल कर लागू करेंगे। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अगले पांच साल में 13 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इस योजना का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक कौशल के अभ्यास को बढ़ावा देना और मजबूत करना है।
गुणवत्ता के साथ-साथ हमारे विश्वकर्माओं के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच में सुधार करना भी है।
इस योजना में 18 तरह के विभिन्न काम में लगे लोगों को शामिल किया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 से लेकर 2027-28 तक की अवधि में 30 लाख कारीगरों को इसमें शामिल किया जाएगा।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन हेतु प्रदान किया जाएगा। उन्हें 500 रुपये प्रति दिन के स्टाइपेंड के साथ आधारभूत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसका मकसद विश्वकर्माओं के उत्थान, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और लाभ प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रयास है।
इस स्कीम से मिलने वाले लाभों को प्रति परिवार एक सदस्य तक ही सीमित रखा जाएगा। सरकारी सेवा में कार्यरत कोई भी व्यक्ति या उसका रिश्तेदार इसका पात्र नहीं होगा।