अंकिता पटेल
महाराष्ट्रीयन मंगलसूत्र अपनी पारंपरिक बनावट के लिए खास पहचान रखता है। काले मोतियों की लड़ियों के साथ सोने की वाटियां इसका सबसे पहचाना जाने वाला रूप हैं।
महाराष्ट्रीयन परंपरा में मंगलसूत्र को वैवाहिक बंधन और सौभाग्य से जुड़ा महत्वपूर्ण आभूषण माना जाता है। आज भी इसकी पारंपरिक पहचान को आधुनिक डिजाइन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
दो सोने की वाटियों वाला मंगलसूत्र मराठी दुल्हनों के बीच पारंपरिक पसंद रहा है। काले मोतियों की माला के साथ इसका सादा रूप बेहद खूबसूरत और पारंपरिक दिखाई देता है।
रोजाना पहनने के लिए हल्के वजन वाला वाटी मंगलसूत्र अच्छा विकल्प हो सकता है। छोटी वाटियों और पतली मोती वाली चेन से इसे पारंपरिक के साथ आधुनिक रूप भी दिया जा सकता है।
पेशवाई आभूषणों से प्रेरित डिजाइन में बारीक सोने की कारीगरी और पारंपरिक सजावटी पैटर्न देखने को मिलते हैं। यह खासतौर पर साड़ी और पारंपरिक परिधानों के साथ आकर्षक लगता है।
कोल्हापुरी शैली महाराष्ट्र की आभूषण परंपरा का खास हिस्सा है। इसमें छोटे सजावटी पेंडेंट और मोतियों का संयोजन दिखाई देता है, जो इसे अलग और पारंपरिक पहचान देता है।
पारंपरिक गोल्ड-प्लेटेड मंगलसूत्र सेट, महाराष्ट्रीयन ब्राइडल लुक के लिए यह डिजाइन पारंपरिक और आकर्षक विकल्प है।
काले मोतियों के बीच छोटी सोने की मनियां मंगलसूत्र को खूबसूरत संतुलन देती हैं। पारंपरिक मान्यता में काले मोतियों को नकारात्मक नजर से सुरक्षा से जोड़ा जाता है।
थूशी महाराष्ट्र की प्रसिद्ध पारंपरिक आभूषण शैलियों में शामिल है। छोटे-छोटे सोने के मोतियों वाली इसकी बनावट से प्रेरित मंगलसूत्र पारंपरिक और रॉयल लुक दे सकता है।
आज मराठी मंगलसूत्र में पारंपरिक वाटी, काले मोती और सोने की कारीगरी के साथ हल्के, छोटे और आधुनिक डिजाइन भी देखने को मिलते हैं।