सिमरन सिंह
कार खरीदते समय सिर्फ माइलेज और फीचर्स नहीं, सुरक्षा भी देखें। कार के सेफ्टी फीचर्स हादसे का खतरा कम करने और दुर्घटना के दौरान चोट से बचाव में मदद करते हैं।
टक्कर के दौरान एयरबैग खुलकर शरीर को चोट से बचाने में मदद करते हैं। सीट बेल्ट यात्री को अपनी जगह पर बनाए रखती है। दोनों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
कार के आगे और पीछे के कुछ हिस्सों को टक्कर के दौरान नियंत्रित तरीके से मुड़ने के लिए डिजाइन किया जाता है। इससे टक्कर की ऊर्जा सोखने और केबिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
अचानक ब्रेक लगाने पर ABS पहियों को लॉक होने से रोकने में मदद करता है। इससे ड्राइवर को स्टीयरिंग पर नियंत्रण बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
फिसलन वाली सड़क या अचानक मोड़ पर ESC कार का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जरूरत पड़ने पर यह अलग-अलग पहियों पर ब्रेक लगाकर नियंत्रण सुधार सकता है।
ADAS में ऐसी तकनीकें शामिल हैं, जो ड्राइवर को चेतावनी देती हैं या कुछ परिस्थितियों में कार को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इसकी सुविधाएं कार के मॉडल पर निर्भर करती हैं।
ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग कुछ स्थितियों में टक्कर का खतरा पहचानकर ब्रेक लगा सकती है। लेन डिपार्चर वार्निंग गाड़ी के लेन से भटकने पर चेतावनी देती है।
TPMS टायर में हवा कम होने पर चेतावनी देता है। रियर कैमरा और पार्किंग सेंसर पीछे मौजूद रुकावटों को देखने या पहचानने में मदद करते हैं।
एयरबैग, ABS, ESC और उपलब्ध ADAS फीचर्स की जांच करें। याद रखें, कोई भी तकनीक हादसे से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। सीट बेल्ट पहनें और सुरक्षित गति से गाड़ी चलाएं।