सिमरन सिंह
उपवास के दौरान हल्का और सात्विक भोजन करने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।
नवरात्रि के दौरान लोग तले-भुने खाने से बचते हैं, जिससे कैलोरी इंटेक कम होता है, फल, साबुदाना और सिंघाड़े जैसे हल्के आहार से फायदा होता है।
साबुदाना, दूध, फल और ड्राई फ्रूट्स के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने से शरीर फैट को एनर्जी में बदलता है।
हल्का और फाइबर युक्त भोजन करने से पेट साफ रहता है। कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं।
व्रत में घर का बना और ताज़ा भोजन पोषण की कमी नहीं होने देता। एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल और ड्राई फ्रूट्स से रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलती है।
व्रत के दौरान सात्विक भोजन और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है। मन को स्थिर और तनाव कम करने में मदद मिलती है।
तेल-मसालेदार खाने से परहेज करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है। चीनी और प्रोसेस्ड फूड न लेने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
हेल्दी डाइट और उपवास से शरीर के हार्मोन संतुलित रहते हैं। महिलाओं में पीरियड साइकल बेहतर होता है और स्किन ग्लो करने लगती है।
व्रत के दौरान कम और शुद्ध आहार लेने से शरीर को आराम मिलता है। यह बॉडी को हील करने का प्राकृतिक तरीका है।