सुनीता पांडे
उत्तराखंड के पांचवें धाम माने जाने वाले हेमकुंड साहिब के कपाट इस बार 11 अक्टूबर को बंद हो रहे हैं।
कपाट बंद होने से अगले पांच महीने तक कोई भी श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन नहीं कर पाएगा।
सबसे प्रतिष्ठित सिख तीर्थ स्थलों में से एक, हेमकुंड साहिब में दुनिया भर से लाखों सिख श्रद्धालु आते हैं।
पवित्र ग्रंथ साहिब में दर्ज है कि यह स्थान सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्थली रही है।
हेमकुंड संस्कृत शब्द है, बर्फ का तालाब। इस तालाब के किनारे सिखों का प्रसिद्ध गुरुद्वारा है।
सर्दियों में यह गुरुद्वारा पूरी तरह से बर्फ से ढक जाता है। यहां साल में 7-8 महीने बर्फ रहती है।
हेमकुंड साहिब का तीर्थ स्थल दो शताब्दियों से अधिक समय तक अज्ञात रहा।
हेमकुंड साहिब में गुरुद्वारे से कुछ दूरी पर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण जी का मंदिर भी है।
महाकाव्य रामायण में बताया गया है कि लक्ष्मण ने युद्ध में गंभीर चोटों के बाद हेमकुंड के तट पर तपस्या की थी।