सुनीता पांडे
नाश्ते में ओट्स खाने से पेट भरा रहता है और देर तक भूख नहीं लगती है. इसे खाने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
ओट्स का इस्तेमाल चीला, डोसा, दूध के साथ और भूनने के बाद भी किया जा सकता है।
ओट्स में पाया जाने वाला मैग्नीशियम तनाव को कम करने में मदद करता है, क्योंकि यह हार्मोन सेरोटोनिन को रिलीज करता है।
ओट्स ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है क्योंकि यह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड है।
इसमें मौजूद फाइबर दिल के लिए भी बेहतर होता है, इसमें कोलेस्ट्रॉल भी लगभग ना के बराबर होता है।
कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स से भरपूर ओट्स नर्वस सिस्टम को स्वस्थ बनाने का काम करते हैं।
ओट्स में पाया जाने वाला फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है।
ओट्स का सेवन शरीर के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है।
एक चम्मच ओट्स को कच्चे दूध में भिगोकर उसका पेस्ट बनाकर हाथ-पैरों पर लगाने से त्वचा में निखार आएगा।