सिमरन सिंह
आवाज कितनी तेज है, इसे डेसीबल यानी dB में मापा जाता है। जैसे-जैसे डेसीबल बढ़ता है, कानों पर पड़ने वाला दबाव भी बढ़ता है।
WHO के अनुसार, 80 dB तक की आवाज को सीमित समय तक सुनना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि लगातार लंबे समय तक तेज आवाज से बचना जरूरी है।
लगभग 90 dB की आवाज पर सुरक्षित सुनने का समय घटकर करीब 4 घंटे प्रति सप्ताह रह जाता है।
DJ, कॉन्सर्ट और ऐसे कार्यक्रमों में आवाज 100 dB या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है। इतनी तेज आवाज में लंबे समय तक रहना कानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
WHO ने ऐसे कार्यक्रमों में औसत आवाज का स्तर 100 dB से ज्यादा न रखने की सलाह दी है, ताकि लोगों के सुनने की क्षमता पर जोखिम कम किया जा सके।
बहुत तेज आवाज सुनने के बाद अगर कानों में घंटी या सीटी जैसी आवाज सुनाई दे या सुनने में कमी महसूस हो, तो यह तेज शोर के असर का संकेत हो सकता है।
अचानक आने वाली बेहद तेज आवाज भी कानों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए स्पीकर के बिल्कुल पास खड़े होने से बचें।
स्पीकर से जितना संभव हो उतना दूर रहें। इसके अलावा बीच-बीच में शांत जगह पर जाकर कानों को आराम देना भी मददगार हो सकता है।
DJ या कॉन्सर्ट में लगातार तेज आवाज के संपर्क से बचें। आवाज तेज हो तो स्पीकर से दूरी बनाएं और समय-समय पर शांत जगह पर ब्रेक लें।