मनोज पांडे
देश के मशहूर बिजनेसमैन रतन टाटा के साथ रहने वाले शांतनु नायडू उनके मैनेजर हैं। रतन टाटा के साथ पिछले कुछ सालों से काम कर चुके शांतनु को अब बहुत से लोग जानते हैं।
रतन टाटा शांतनु नायडू को अपना बेटा मानते हैं। शांतनु रतन टाटा के कारोबार के साथ-साथ उनके निवेश को भी देखते हैं। टाटा समूह में कार्यरत शांतनु नायडू रतन टाटा के कार्यालय के महाप्रबंधक हैं।
वह रतन टाटा के निजी सहायक भी हैं। शांतनु ने 29 साल की उम्र में रतन टाटा के साथ काम करना शुरू किया। शांतनु की अपनी कंपनी है।
उनकी कंपनी गुडफेलो बुजुर्गों को उनके अंतिम क्षणों में बेहतरीन सुविधाएं देने का काम करती है। शांतनु की कंपनी गुड फॉलोवर्स की कीमत 5 करोड़ से ज्यादा है।
ऑटोमोबाइल डिजाइन इंजीनियर शांतनु नायडू 2014 में टाटा एलेक्सी में शामिल हुए। तभी शांतनु ने सड़क दुर्घटना में एक कुत्ते को मरते हुए देखा।
इस घटना के बाद शांतनु इतने दुखी हुए कि उन्होंने स्ट्रीट डॉग्स की मदद के लिए एक एनजीओ बना लिया। आवारा कुत्तों को वाहनों की चपेट में आने से बचाने के लिए उन्होंने गले में पट्टा पहनना शुरू कर दिया, जो अंधेरे में चमकता है।
चूंकि शांतनु के पास धन की कमी थी, इसलिए उनके पिता ने रतन टाटा को एक पत्र लिखा। रतन टाटा ने तब शांतनु नायडू से मिलने का फैसला किया।
रतन टाटा ने शांतनु को अपने एनजीओ के जरिए स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाते देखा था। रतन टाटा उनके प्रदर्शन से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने शांतनु को अपना मैनेजर बना लिया।
रतन टाटा शांतनु के डॉग सेंटर पहुंचे थे और स्ट्रीट डॉग्स के लिए उनके प्रयासों से प्रभावित हुए थे। रतन टाटा ने तब शांतनु को उनकी उच्च शिक्षा के लिए कॉर्नेल विश्वविद्यालय भेजने में मदद की।
रतन टाटा खुद शांतनु के ग्रेजुएशन प्रोग्राम में शामिल होने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। फिर उन्होंने शांतनु को अपना निजी सहायक नियुक्त किया।
2021 में रतन टाटा के बर्थडे पर एक वीडियो सामने आया। उस वीडियो के बाद शांतनु नायडू पूरी दुनिया के सामने आ गए।