सिमरन सिंह
कार की लंबी उम्र और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए नियमित मेंटेनेंस जरूरी है। सही समय पर पार्ट्स बदलने से अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है।
इंजन ऑयल कार का सबसे जरूरी फ्लूइड है।
मिनरल ऑयल: 8,000-10,000 किमी या 6 महीने
सिंथेटिक ऑयल: 10,000-12,000 किमी या 1 साल
ऑयल बदलते समय पुराने ऑयल को पूरी तरह निकालना जरूरी है। इससे इंजन स्मूद चलता है और उसकी लाइफ बढ़ती है।
एयर फिल्टर इंजन तक साफ हवा पहुंचाता है।
धूल वाले इलाके में: हर 6 महीने
साफ वातावरण में: 1 साल तक
गंदा फिल्टर माइलेज कम कर सकता है।
टायर रोटेशन का मतलब आगे और पीछे के टायरों की जगह बदलना है। जिसको हर 8,000-10,000 किमी पर कराना होता है, इससे टायर समान रूप से घिसते हैं और ज्यादा चलते हैं।
गियर ऑयल बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होती। 50,000-60,000 किमी या 4-5 साल बाद बदलना पर्याप्त है।
ब्रेक पैड्स आपकी सुरक्षा से जुड़े हैं। जिसकी 10,000-20,000 किमी के बीच जांच कराएं जरूरत पड़ने पर तुरंत बदलें
कूलेंट और स्पार्क प्लग लंबे समय तक चलते हैं। यह 30,000-40,000 किमी के बाद बदलना सही माना जाता है।
इंजन ऑयल: 8,000-12,000 किमी
एयर फिल्टर: 6-12 महीने
टायर रोटेशन: 8,000-10,000 किमी
ब्रेक पैड्स: 10,000-20,000 किमी
इन टिप्स को अपनाकर कार की लाइफ बढ़ाएं और हजारों रुपये बचाएं।