यति सिंह
सुनील दत्त और नरगिस के घर जन्मे संजय दत्त को बचपन से ही फिल्मों का माहौल मिला।
साल 1981 में 'रॉकी' से बॉलीवुड में कदम रखा और पहली ही फिल्म से पहचान बनाई।
1982 से 1986 के बीच संजय दत्त की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट नहीं हो सकीं।
साल 1986 में आई 'नाम' फिल्म ने संजय दत्त के करियर को नई दिशा दी।
फिल्म 'सड़क' में एक्शन और रोमांस से भरपूर भूमिका में संजय दत्त ने खास जगह बनाई।
'साजन' की सक्सेस और उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
'खलनायक' में बल्लू बलराम के ग्रे शेड वाले रोल ने संजय दत्त को एक अलग पहचान दिलाई।
1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े मामले में संजय दत्त को जेल की सजा का सामना करना पड़ा।
साल 1999 में आई 'वास्तव' ने उनके करियर को फिर मजबूती दी और रघु के रोल को खूब सराहा गया।
'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में मुन्ना भाई के रोल ने संजय दत्त को दर्शकों के बीच एक नई पहचान दी।