सुनीता पांडे
रम की सीमित मात्रा शराब नहीं बल्कि दवा की तरह काम करती है।
सर्दियों में मांसपेशियों में दर्द और अधिक ठंड होने पर 30ml से 40ml रम का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
लेकिन आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित या आपकी किसी तरह की सर्जरी हुई है, तो डॉक्टरी सलाह लेना बेहतर होगा।
अक्सर डॉक्टर भी दिल के मरीजों को सर्दियों में रम पीने की सलाह देते हैं।
रम सर्दियों में खून को पतला रखता है जो हृदय रोगियों के लिए बहुत जरूरी है।
हफ्ते में एक बार रम की एक या दो पैग दिल को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।
लेकिन ध्यान रखें कि इसकी लत लगने से बचना चाहिए।
सर्दियों के मौसम में नाक बंद होना, नाक बहना और सर्दी जैसी समस्याओं से बचने के लिए इसे 10ml गुनगुने पानी के साथ लेना फायदेमंद हो सकता है।
रम में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं जो खराब बैक्टीरिया को मारते हैं।
लेकिन हम फिर यही कहेंगे कि इसे डॉक्टरी सलाह के बाद ही दवा के रूप में लें।
अगर आप रोजाना 30ml या 40ml से ज्यादा रम पीते हैं तो इसके कई दुष्प्रभाव होते हैं।
इसके रोजाना सेवन से माइग्रेन, डायरिया, एनीमिया, स्ट्रोक, यौन समस्याएं, शरीर में विषाक्त पदार्थों की अधिकता, अत्यधिक थकान और कई तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
रम को सीमित मात्रा में पीना बेहतर है, हर जगह वर्जित किसी भी चीज की अधिकता हमेशा नुकसान पहुंचाती है।
Disclaimer: नवभारत मीडिया किसी को भी शराब पीने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है। शराब से कई गंभीर बीमारियां होती हैं उससे दूरी बनाएं रखें। हमारा मकसद शराब को बढ़ावा देना नहीं, हम इसके खिलाफ हैं।