रावण के 10 सिर सिखाते हैं आपको 10 सबक, जानिए इनके बारे में

दीपिका पाल

सीख

लंकापति रावण के 10 सिर 10 अलग -अलग सीख देते है जिसे हर व्यक्ति तो अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

घमंड

रावण का पहला सिर घमंड नहीं करने का संकेत देता है यानि जरूरतमंदों का मजाक नहीं बनाना।

झूठ

रावण का दूसरा सिर आपको झूठ नहीं बोलने की सीख देता है। झूठ बोलने की आदत हमें गलत करने पर मजबूर करती है।

गुस्सा

रावण का तीसरा सिर गुस्से का संकेत देता है यानि जब कोई आपकी गलती पर डांट दें तो आप सुनने की बजाय नुकसान कर बैठते हैं।

लालच

रावण का चौथा सिर लालच का संकेत देता हैं यानि आप हर चीज के लिए जिद करते हैं अगर किसी के पास दिख जाए खरीदना चाहते है।

द्वेष

रावण का पांचवां सिर द्वेष से जुड़ा है यानि किसी भी व्यक्ति के प्रति जलन या दुश्मनी की भावना रखना इसे बिल्कुल भी नहीं अपनाना चाहिए।

अंहकार

रावण का छठवां सिर आपके अहंकार का संकेत देता है। यानि हमें खुद को दूसरे बड़ा या उससे अभिमान नहीं करना चाहिए।

धोखा

रावण का सातवां सिर धोखा देने का संकेत देता है। हम पर अगर कोई भरोसा करें तो, हमें पीठे पीछे उसकी बुराई या धोखा नहीं देना चाहिए।

सम्मान

रावण का आठवां सिर सम्मान के भाव का संकेत देता है। बड़े लोगों के प्रति निरादर नहीं आदर का भाव रखना चाहिए।

बुराई

रावण का नौंवा सिर इस बात का संकेत होता हैं कि बुरे काम बिल्कुल नहीं करें अच्छे काम करने से प्रसिद्धि मिलती है।

छल

रावण का दसवां और अंतिम सिर छल के भाव का संकेत देता है। कोई भी काम मेहनत से करें छल के साथ नहीं।

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