रीता राय सागर
आज 19 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल सप्तमी तिथि है। इस पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के दिव्य दर्शन कर मन को भक्ति और शांति की अनुभूति कराएं।
भगवान श्रीराम को मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म का प्रतीक माना जाता है। उनका जीवन भक्तों को सदाचार और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
बाल स्वरूप में भगवान राम की छवि भक्तों के मन में विशेष श्रद्धा जगाती है। उनके शांत और सौम्य स्वरूप का दर्शन मन को आध्यात्मिक आनंद से भर देता है।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, लेकिन इस पावन महीने में भगवान राम का स्मरण और राम नाम का जाप भी भक्ति भाव को गहरा करता है।
सनातन परंपरा में राम नाम को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि श्रद्धा से राम नाम का स्मरण करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में सत्य, वचन पालन, माता-पिता के सम्मान और प्रजा के प्रति कर्तव्य को सबसे ऊपर स्थान दिया। यही कारण है कि उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है।
भगवान राम के प्रति भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी राम भक्ति का दूसरा रूप है।
आज के दिन सुबह या शाम शांत मन से भगवान श्रीराम का ध्यान करें। श्रद्धा के साथ ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जाप कर सकते हैं।
भगवान श्रीराम के सामने दीपक जलाएं, पुष्प अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग लगाएं। पूजा में दिखावे से ज्यादा महत्व श्रद्धा और स्वच्छ मन का माना जाता है।