सिमरन सिंह
आज पेमेंट से लेकर टिकट और वेबसाइट खोलने तक QR Code हर जगह नजर आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटा-सा चौकोर कोड जानकारी को पहचानता कैसे है?
QR का मतलब Quick Response Code है। यह एक तरह का 2D Barcode होता है, जिसमें डिजिटल जानकारी को छोटे-छोटे काले और सफेद वर्गों के पैटर्न में स्टोर किया जाता है।
QR Code में कई तरह की जानकारी रखी जा सकती है। जैसे टेक्स्ट, वेबसाइट लिंक, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और दूसरी डिजिटल जानकारी। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल अलग-अलग कामों में होता है।
QR Code में मौजूद काले और सफेद छोटे-छोटे बॉक्स बेतरतीब नहीं होते। इनका खास पैटर्न डिजिटल जानकारी को दर्शाता है, जिसे स्कैनर पढ़कर समझता है।
जब आप स्मार्टफोन का कैमरा QR Code के सामने लाते हैं, तो कैमरा सबसे पहले उसके काले-सफेद पैटर्न को पहचानता है। फोन का सॉफ्टवेयर इसी पैटर्न को पढ़ने की प्रक्रिया शुरू करता है।
QR Scanner या स्मार्टफोन का कैमरा QR Code में मौजूद पैटर्न को डिजिटल डेटा में डिकोड करता है। यानी जो चीज हमें सिर्फ चौकोर बॉक्स दिखाई देती है, फोन उसे जानकारी में बदल देता है।
QR Code के पैटर्न में एन्कोड की गई जानकारी को स्कैनर पढ़ता है और उसे उसके मूल रूप में समझने की कोशिश करता है। अगर इसमें वेबसाइट लिंक है, तो फोन उसे लिंक के रूप में पहचान लेता है।
मान लीजिए QR Code में किसी वेबसाइट का लिंक है। स्कैन करते ही आपका फोन उस लिंक को पहचान लेता है और आमतौर पर वेबसाइट खोलने का विकल्प स्क्रीन पर दिखाता है।
QR Code का सबसे बड़ा फायदा है तेजी और सुविधा। लंबा लिंक टाइप करने या जानकारी मैन्युअली दर्ज करने के बजाय सिर्फ कैमरे से स्कैन करके डेटा तक पहुंचा जा सकता है।
अगली बार जब आप QR Code स्कैन करें, तो समझिए कि कैमरा सिर्फ तस्वीर नहीं पढ़ रहा है। वह काले-सफेद पैटर्न में छिपी डिजिटल जानकारी को डिकोड कर रहा है और आपके फोन को उसका इस्तेमाल करने का रास्ता दिखा रहा है।