इन जानवरों को जंग में साथ लेकर जाते थे मुग़ल बादशाह

सिमरन सिंह

जानवरों की भूमिका

सम्राट बाबर ने भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी, जिसमें कई जानवरों की भूमिका रही।

हाथी

बाबर द्वारा पानीपत की लड़ाई में हाथियों का इस्तेमाल युद्ध में बहुत महत्वपूर्ण था।

शक्ति का प्रतीक

हाथी शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक माने जाते थे, जो दुश्मन के गढ़ में तबाही मचाते थे, जिसके कारण वे सेना का हिस्सा बन गए।

घोड़ा

प्रशिक्षित घोड़ों का इस्तेमाल कम समय में लंबी दूरी तय करने और युद्ध में तेजी से आगे बढ़ने के लिए किया जाता है।

ऊँट

ऊँट भी सेना के साथ यात्रा करते थे, जो सैनिकों को भोजन के साथ-साथ आवश्यक सामान भी प्रदान करते थे।

बैल

बैलों का इस्तेमाल बारूद, हथियार और अन्य युद्ध सामग्री ले जाने के लिए किया जाता था।

खच्चर

खच्चरों का इस्तेमाल रास्ते पर निर्भर करता था, इसी तरह सेना पहाड़ी रास्तों के लिए खच्चरों का इस्तेमाल करती थी।

युद्ध कुत्ते

मुगल सेना ने विनाश करने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों का इस्तेमाल किया।

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