प्रीति शर्मा
मध्य प्रदेश के उज्जैन को महाकाल की नगरी कहा जाता है। यहां पर कई पवित्र मंदिर है।
भगवान शिव के रहस्यमयी मंदिर में भक्त उन्हें शराब का भोग लगाते हैं।
कहा जाता है कि रोजा मंदिर में काल भैरव को करीब 2 हजार शराब की बोतल चढ़ाई जाती हैं।
शराब का भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
माना जाता है कि इस प्रसाद का सेवन करने से व्यक्ति के रोग दूर हो सकते हैं।
मान्यताओं के अनुसार काल भैरव तामसिक प्रवृति के देवता हैं जिसके कारण उन्हें शराब का भोग लगाया जाता है।
माना जाता है कि इस मंदिर में काल भैरव भगवान की मूर्ति स्वयं शराब ग्रहण करती है।
इस मंदिर में रविवार के दिन मदिरा चढ़ाने से व्यक्ति के ग्रह दोष दूर हो सकते हैं।