सुनीता पांडे
मधुमक्खियां अक्सर इंसानों या अन्य स्तनधारियों को डंक मारने के बाद खुद ही मर जाती हैं। इसका कारण उनके डंक की बनावट है।
मधुमक्खी के डंक के पीछे की तरफ कांटे उगे होते हैं, जब मधुमक्खियां किसी के शरीर में डंक को चुभती हैं तो त्वचा के अंदर जाने के बाद उसे निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में जब मधुमक्खी उसे स्क्रीन से बाहर निकालने की कोशिश करती है तो डंक सहित उसके प्रजनन अंग भी शरीर से अलग हो जाते हैं।
प्रजनन अंग और पेट के अंगों के बिना मधुमक्खी सिर्फ कुछ घंटे तक ही जीवित रह पाती है उसके बाद ऑर्गन फैलियर की वजह से उसकी मौत हो जाती है.
मधुमक्खियों की लगभग 10 प्रजातियां ऐसी भी हैं, जो अन्य कीड़ों या मकड़ियों को डंक मारने के बाद भी जीवित रहती हैं।
कुछ मधुमक्खियों का डंक चिकना होता है। ऐसे में डंक मारने पर भी ये मरते नहीं हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार मादा मधुमक्खियां ही डंक मारती हैं। इनके छत्ते में नर से अधिक मादा होती हैं। दोनों का अनुपात 1:5 है।