सिमरन सिंह
रुकिए! CNG किट लगवाने से पहले इन जरूरी बातों को जान लें। एक छोटी सी गलती आपकी कार के इंजन और जेब, दोनों पर भारी पड़ सकती है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच CNG कारों की डिमांड लगातार बढ़ी है। कम ईंधन खर्च और बेहतर माइलेज की वजह से लोग पुरानी पेट्रोल कार को भी CNG में कन्वर्ट करा रहे हैं।
CNG किट लगवाने से पहले कार के इंजन की पूरी जांच जरूरी है। अगर इंजन मोबिल ऑयल खा रहा है, स्पार्क प्लग खराब हो रहे हैं या अजीब आवाजें आ रही हैं, तो CNG किट न लगवाएं।
CNG से चलने पर इंजन में पेट्रोल की तुलना में ज्यादा गर्मी पैदा हो सकती है। कमजोर इंजन में इससे वॉल्व, हेड गैस्केट और पिस्टन को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
अगर आपकी कार रोजाना सिर्फ 10-15 KM चलती है, तो CNG किट की लागत वसूल होने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में कन्वर्जन का आर्थिक फायदा सीमित रह सकता है।
पैसे बचाने के चक्कर में अनधिकृत या सस्ती किट लगवाने की गलती न करें। हमेशा सरकार/RTO से मान्यता प्राप्त और कार के लिए उपयुक्त ब्रांडेड सीक्वेंशियल CNG किट चुनें।
CNG किट किसी अनुभवी और अधिकृत वर्कशॉप से ही लगवाएं। गलत फिटिंग से गैस लीकेज और शॉर्ट सर्किट जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
किट लगवाने के बाद अपनी कार की RC में CNG Fuel Conversion की जानकारी अपडेट कराएं। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को भी CNG कन्वर्जन की जानकारी दें।
CNG सिलेंडर लगने से कार का बूट स्पेस काफी कम हो जाता है। इसके अलावा CNG कार में फिल्टर और स्पार्क प्लग की नियमित देखभाल जरूरी है।
CNG किट से ईंधन खर्च कम हो सकता है, लेकिन इसके साथ कन्वर्जन लागत, मेंटेनेंस, बूट स्पेस और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपकी कार का इंजन अच्छी स्थिति में है और रोजाना पर्याप्त चलती है, तभी CNG कन्वर्जन पर विचार करें।