सुनीता पांडे
योग सूत्र के रचयिता पतंजलि ने 84 प्रकार के योग बताए हैं, लेकिन मुख्य रूप से योग के दस आसन प्रचलित हैं।
अर्ध चंद्रासन में शरीर को अर्ध चंद्रमा के आकार में घुमाया जाता है। इसे खड़े होकर भी किया जा सकता है। यह आसन पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।
भुजंगासन के रोजाना अभ्यास से पीठ दर्द की समस्याएं दूर हो जाती हैं। यह आसन पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है।
हलासन के रोजाना अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली रहती है। बढ़ती उम्र में हड्डियों से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। यह आसन पेट के रोग, थायराइड, अस्थमा, कफ और रक्त संबंधी रोगों के लिए बहुत फायदेमंद है।
सुखासन एक बैठ कर किया जाने वाला योग है। यह योग मन को शांति देने वाला योग है। इस योग के दौरान नाक से सांस लेनी और छोड़नी होती है।
ताड़ासन का अभ्यास शरीर को अच्छे आकार में रखता है और शरीर में संतुलन और दृढ़ता लाता है।
वज्रासन बैठकर किया जाने वाला योग है। यह शरीर को सुडौल बनाने के लिए किया जाता है। पीठ और कमर दर्द की समस्या के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद रहेगा।
थकान एवं मानसिक तनाव दूर करने के लिए शवासन बहुत अच्छा होता है। इस आसन को मरे शरीर जैसे निष्क्रिय होकर किया जाता है।
बैठकर किए जाने वाले योग में एक है दंडासन। इस योग की मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से हिप्स और पेडू में मौजूद तनाव दूर होता है और उसमें लचीलापन आता है।