लिव-इन रिलेशन को रजिस्टर करना है जरूरी, नहीं तो मिलेगी सजा

सिमरन सिंह

लिव-इन रिलेशनशिप

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो चुका है, यहां लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बनाए गए कानूनों के बारे में बताया गया है।

पंजीकरण जरूरी

उत्तराखंड में लागू यूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए कपल का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

घोषणा

कानून के तहत लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे कपल को डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार के सामने इसकी घोषणा करनी होगी।

क्या होगी सजा

अगर कपल एक महीने से ज्यादा लिव-इन रिलेशनशिप में है तो इसकी जानकारी न देने पर सजा या जुर्माना लगाया जा सकता है।

क्या सजा?

लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी न देने पर तीन महीने की सजा या 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।

ब्रेकअप की जानकारी

अगर आप लिव-इन रिलेशनशिप खत्म करना चाहते हैं तो इसकी भी कानून में घोषणा करनी होगी।

वैध संतान

कानून के अनुसार लिव-इन रिलेशनशिप के तहत पैदा हुआ बच्चा वैध माना जाएगा। उत्तराखंड में यह कानून 27 जनवरी से लागू हो गया है।

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