यह रॉकेट समर्पित मिशन के तहत न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के माध्यम से प्राथमिक उपग्रह के रूप में ‘TELEOS-2' और सह-यात्री सैटेलाइट के रूप में ‘LUMELITE-4' को लेकर रवाना हुआ और दोनों सैटेलाइट को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थपित कर दिया।

मनोज पांडे

ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ( PSLV) के जरिए सिंगापुर के दो सैटेलाइट का प्रक्षेपण करने के लिए शुक्रवार को यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में 22.5 घंटे की उलटी गिनती शुरू हुई थी।

Photo - Twitter @isro

मिशन के तहत चेन्नई से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 44.4 मीटर लंबा रॉकेट दोनों उपग्रहों को लेकर प्रथम लॉन्च पैड से रवाना हुआ और बाद में इसने दोनों सैटेलाइट को इच्छित कक्षा में स्थापित कर दिया।

Photo - Twitter @isro

PSLV-C55 मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज दोपहर 2:19 बजे लॉन्च हुआ है।  यह PSLV की 57वीं उड़ान है और PSLV कोर अलोन कॉन्फिगरेशन का इस्तेमाल करने वाला 16वां मिशन है।

Photo - Twitter @isro

इस मिशन को TLEOS-2 नाम दिया गया था। TeLEOS-2 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट में सिंगापुर सरकार के तहत काम करने वाली विभिन्न एजेंसियों की सैटेलाइट इमेजरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी मौसम की क्षमता भी होगी।

Photo - Twitter @isro

इसका अन्य सैटेलाइट LUMELITE-4 होगा, एक एडवांस सैटेलाइट जिसका वजन 16 किलो है।  इसे एक बहुत ही उच्च आवृत्ति डेटा विनिमय प्रणाली को प्रदर्शित करने के लिए विकसित किया गया है।

Photo - Twitter @isro

सैटेलाइट को सिंगापुर की ई-नेविगेशन समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने और वैश्विक शिपिंग समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए ही इसे डिजाइन किया गया है।

Photo - Twitter @isro
Watch More Story