सिमरन सिंह
क्या आपने कभी सोचा है कि 100% चार्ज होने के बाद भी चार्जर से आने वाला करंट आखिर जाता कहां है?
कई लोग रात में फोन चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं और सुबह फुल चार्ज फोन इस्तेमाल करते हैं।
आधुनिक स्मार्टफोन में एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम होता है। बैटरी फुल होते ही फोन उसमें बिजली भेजना बंद कर देता है।
फोन का चार्जिंग सर्किट बैटरी को ओवरचार्ज होने से बचाता है। इसलिए 100% होने के बाद बैटरी लगातार बिजली स्टोर नहीं करती।
चार्जिंग बंद होने के बाद भी फोन थोड़ी-थोड़ी बिजली लेता रहता है। इसे ही "Trickle Charging" कहा जाता है।
अगर नोटिफिकेशन आए, कॉल आए या कोई ऐप बैकग्राउंड में चले तो थोड़ी बैटरी खर्च होती है। ट्रिकल चार्जिंग उसी कमी को पूरा करती रहती है।
फोन जरूरत के हिसाब से थोड़ी-थोड़ी बिजली लेता है। यही वजह है कि रातभर चार्जिंग पर रहने के बाद भी बैटरी 100% के करीब बनी रहती है।
एक-दो बार ऐसा करने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। लेकिन रोजाना ऐसा करना बैटरी की लाइफ को धीरे-धीरे कम कर सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार बैटरी को लंबे समय तक 100% चार्ज पर रखने से उसके केमिकल पार्ट्स पर दबाव बढ़ता है। इससे बैटरी की क्षमता कम होने लगती है।
फोन को 20% से 80% के बीच रखने की कोशिश करें। चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए, कंबल या गर्म जगह पर न रखें। यही तरीका बैटरी की उम्र बढ़ाने में मदद करेगा।