सिमरन सिंह
क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की लगभग हर कार में चार पहिए ही क्यों होते हैं? आखिर 3, 5 या 6 पहिए क्यों नहीं? आइए जानते हैं इसका दिलचस्प जवाब।
कार का पूरा वजन सही तरीके से बैलेंस होना जरूरी होता है। चार पहिए वाहन को बेहतर स्थिरता और संतुलन प्रदान करते हैं।
कार का आकार आमतौर पर आयताकार होता है। ऐसे में चारों कोनों पर पहिए होने से वजन समान रूप से बंट जाता है और वाहन सुरक्षित रहता है।
तीन पहियों वाले वाहन बनाना संभव है, लेकिन तेज रफ्तार और भारी वजन के दौरान उनकी स्थिरता कम हो जाती है। इसलिए कारों में यह डिजाइन लोकप्रिय नहीं हो पाया।
इतिहासकारों के अनुसार पहिए का आविष्कार लगभग 3500 ईसा पूर्व हुआ था। इसी खोज ने परिवहन की दुनिया को बदल दिया।
1769 में Nicolas Joseph Cugnot ने दुनिया की पहली self-propelled सड़क गाड़ी बनाई। इसे आधुनिक वाहनों की शुरुआती कड़ी माना जाता है।
1885 में Karl Benz ने पहली व्यावहारिक कार बनाई। यही मॉडल आगे चलकर आधुनिक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आधार बना।
Henry Ford ने 1908 में Model T लॉन्च की और असेंबली लाइन सिस्टम शुरू किया। इससे कारें सस्ती और आम लोगों की पहुंच में आ गईं।
1893 में Bramah Joseph Diplock ने पहला 4WD सिस्टम पेटेंट कराया। शुरुआत में इसका इस्तेमाल भारी मशीनों और सैन्य वाहनों में होता था।
बेहतर संतुलन, सुरक्षा, आरामदायक ड्राइविंग और कम लागत की वजह से चार पहियों वाला डिजाइन आज भी सबसे प्रभावी माना जाता है। यही कारण है कि दुनिया की ज्यादातर कारें आज भी चार पहियों पर ही दौड़ती हैं।