प्रीति शर्मा
शादी के बाद हर स्त्री मंगलसूत्र को पहनती हैं जो सिर्फ एक गहना नहीं बल्कि अटूट विश्वास का प्रतीक है।
मंगलसूत्र में लगे काले मोतियों के पीछे प्राचीन परंपरा ही नहीं बल्कि इतिहास भी महत्व रखता है।
मंगलसूत्र का सुनहरा हिस्सा माता पार्वती और काले मोती भगवान शिव का प्रतीक माने जाते हैं।
माना जाता है कि ये मोती वैवाहिक जीवन को बुरी नजर से बचाते हैं।
काले मोती नकारात्मकता को दूर कर पति-पत्नी के रिश्ते में सुख-शांति का संचार करते हैं।
मान्यताओं के अनुसार काले मोती शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी सहायक माने जाते हैं।
मंगलसूत्र के धागे, मोती और सोना मिलकर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के संतुलन को दर्शाते हैं।
दक्षिण भारत से शुरू हुई यह परंपरा आज पूरे देश की पहचान है।