सुनीता पांडे
बाहर से घर आने के बाद, किसी बाहरी वस्तु को छूने के बाद, खाना पकाने से पहले, खाने से पहले और बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
घर में सिंक, वॉश बेसिन आदि जगहों की नियमित फिनाइल, फ्लोर क्लीनर आदि से साफ-सफाई करते रहना चाहिए।
किसी भी खाने की चीज़ को खुला न छोड़ें, क्योंकि खुले भोजन के सेवन से कई तरह की बीमारियां होती हैं।
रोजाना ताजी सब्जियां और फलों का सेवन करना चाहिए।
सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही प्रयोग करें।
खाना सही तापमान पर पकाएं क्योंकि ज्यादा तापमान पर खाना पकाने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
अपने आहार में सलाद, दही, दूध, दलिया, हरी सब्जियां, साबुत दालें और अनाज आदि का प्रयोग अवश्य करें।
खाना पकाने और पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें।
अपने विश्राम या सोने के कमरे को साफ, हवादार और विशाल रखें।
हर हफ्ते बेडशीट, तकिए का कवर, चादर और पर्दे बदलते रहें।
एकाग्रता बढ़ाने और तनाव से दूर रहने के लिए ध्यान, योग या मेडिटेशन का सहारा लेना चाहिए।
45 की उम्र के बाद अपना रूटीन चेकअप करवाते रहें।
अगर डॉक्टर आपको कोई दवा देता है तो उसका नियमित सेवन करें।