सिमरन सिंह
इस छोटे से अक्षर के पीछे Apple की ब्रैंडिंग और Steve Jobs का खास विजन छिपा है। जानिए आखिर ‘i’ के कितने मतलब थे।
कई लोग मानते हैं कि iPhone में ‘i’ का मतलब Internet होता है। यह बात पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन यह सिर्फ एक मतलब है। Steve Jobs ने ‘i’ को कई अलग-अलग विचारों से जोड़ा था।
Apple के नाम में ‘i’ की शुरुआत iPhone से नहीं हुई थी। 1998 में iMac के साथ इस नामकरण की शुरुआत हुई। उस समय Steve Jobs Apple में वापस आए थे और कंपनी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही थी।
iMac के लॉन्च के दौरान Steve Jobs ने एक स्लाइड के जरिए छोटे ‘i’ के अलग-अलग मतलब समझाए थे। इसमें Internet के साथ कई और शब्द शामिल थे।
‘i’ का पहला मतलब Internet था। उस दौर में कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ना आज जितना आसान नहीं था। iMac को इस अनुभव को आसान बनाने के विचार के साथ पेश किया गया था।
Steve Jobs के अनुसार ‘i’ का मतलब Individual भी था, यानी यूजर की व्यक्तिगत पहचान। इसके अलावा इसका अर्थ Instruct था यानी सीखने और सिखाने से जुड़ा विचार।
‘i’ के बाकी दो अर्थ थे Inform और Inspire। Inform का संबंध जानकारी तक पहुंच से था, जबकि Inspire का मतलब यूजर्स को कुछ नया बनाने और रचनात्मक बनने के लिए प्रेरित करना था।
iMac के बाद Apple ने इसी नामकरण को आगे बढ़ाया। 2001 में iPod आया और कुछ साल बाद 2007 में Steve Jobs ने पहला iPhone पेश किया। इस तरह ‘i’ Apple की पहचान का हिस्सा बन चुका था।
पहले iPhone को Steve Jobs ने फोन, टचस्क्रीन iPod और Internet communicator के संयोजन के रूप में पेश किया था। ऐसे में ‘i’ नाम Apple के पुराने ब्रैंडिंग आइडिया से भी जुड़ा रहा।
समय के साथ Apple ने हर नए प्रोडक्ट के नाम में ‘i’ का इस्तेमाल जारी नहीं रखा। Apple Watch, Apple TV और Apple Vision Pro इसके उदाहरण हैं। लेकिन iPhone और iPad जैसे नामों में ‘i’ आज भी Apple की पुरानी ब्रैंडिंग विरासत को दिखाता है।