सुनीता पांडे
एलन मस्क ने पेरिस में ऐलान किया है कि न्यूरालिंक कंपनी इस साल ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस का ह्यूमन ट्रायल शुरू करेगी।
ब्रेन कंप्यूटिंग इंटरफेस से न केवल स्मार्टफोन चलाना आसान होगा, बल्कि दैनिक उपयोग के उपकरण मसलन लाइट ऑन-ऑफ करना, व्हील चेयर यहां-वहां ले जाना भी आसान हो जाएगा।
जो व्यक्ति बोल नहीं सकता वह भी ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस के माध्यम से बात कर सकेगा।
ब्रेन कंप्यूटिंग इंटरफेस ऐसी तकनीक है जिससे इंसान की सोच को किसी गतिविधि में बदला जा सकता है, इसमें मानव दिमाग में एक चिप इम्प्लांट की जाती है।
इस तकनीक से दिमाग में इम्प्लांट करने के लिए चिप को नसों के जरिए ही दिमाग तक पहुंचाया जाता है।
ब्रेन कंप्यूटिंग इंटरफेस लकवाग्रस्त या दिव्यांग मरीज के बेहद काम आ सकता है।
इसमें पहले से दर्ज गतिविधियों का एक डाटाबेस है, जब मरीज कुछ करने के बारे में सोचता है तो यह एक्टिवेट हो जाता है और ये पहचानने की कोशिश करता है कि मरीज क्या करना चाहता है?
फिलहाल इस पर ट्रायल चल रहा है, लेकिन जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद है।