सिमरन सिंह
ताज़ा, पूरी तरह खिले हुए नहीं बल्कि आधे खिले हुए सफेद ग
ुलाब लें। डंठल मजबूत और हरा होना चाहिए।
गुलाब के डंठल को 45° ऐंगल पर काटें। नीचे से 2–3 इंच तक स्टेम को लंबाई में 2, 3 या 4 हिस्सों में विभाजित करें (मल्टी-कलर बनाने के लिए)।
4 ग्लास या कंटेनर लें। हर एक में पानी भरें। उसमें फूड कलर डालें। रंग जितना गहरा होगा, फूल में रंग उतना ज्यादा आएगा।
स्टेम के हर कटे हुए हिस्से को अलग रंग वाले ग्लास में रखें। ध्यान रखें कि डंठल पानी में पूरी तरह डूबा रहे।
गुलाब स्टेम के जरिए पानी को एब्ज़ॉर्ब करता है और उसी के साथ रंग पंखुड़ियों तक पहुंचता है। कुछ घंटे में रंग दिखने लगेगा
फूल को सीधी धूप से दूर रखें। इससे रंग लंबे समय तक टिके रहते हैं।
स्टेम को 4 अलग रंगों में डालें इससे पंखुड़ियों में इंद्रधनुष जैसा पैटर्न बनता है। अगर हल्का या पेस्टल शेड चाहिए तो रंग कम मात्रा में डालें।
यह तकनीक कटे हुए फूलों का रंग बदलने के लिए है। पौध
े पर लगे हुए सफेद गुलाब का रंग स्थायी रूप से नहीं बदल सकता, क्योंकि वह जीन से तय होता है।