प्रीति शर्मा
नींद की कमी धीरे-धीरे एक "साइलेंट हेल्थ क्राइसिस" बन चुकी है।
कम नींद का सीधा असर दिमाग, दिल, इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
खासकर युवाओं में कम नींद के पीछे देर तक फोन का इस्तेमाल, ओवरवर्क, तनाव आदि है।
दिमाग पर कम नींद का असर कई अध्ययनों में साफ तौर पर देखा गया है।
खराब नींद याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता और सीखने की गति को कम कर सकती है।
कम नींद में मस्तिष्क के वह हिस्से सक्रिय हो जाते हैं जो चिंता और डर को बढ़ाते हैं।
नींद की कमी शरीर में सूजन बढ़ा देती है, जिससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गड़बड़ा सकते हैं।
जो लोग 5 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 30–40 फीसदी बढ़ जाता है।