सिमरन सिंह
थकान के बाद ज्यादातर कोई जानवर अपने पीठ पर लेटकर आराम करता है लेकिन घोड़े ऐसा नहीं है।
ज्यादा तर घोड़ा खड़े रह कर ही आराम करता है।
घोड़े ऐसा सर्वाइवल के कारण करता है, घोड़ा उन जीवों में हैं जो दूसरे जानवरों का शिकार बनता आया है।
जिस वजह से ये गुण उसके अदंर है कि वो खड़े हो कर सो सकता हैं।
घोड़ा भारी जीव होता है। अगर सोते वक्त उसपर हमला हुआ तो उसे उठने में वक्त लगेगा।
घोड़े के पैरों में हड्डियां और मांसपेशियां ऐसे है कि खड़े रहते वक्त भी शरीर का ऊपरी हिस्सा आराम कर सकता है।
गहरी नींद के लिए वो थोड़े-थोड़े अंतराल के लिए लेट जाते हैं। लगभग दो से तीन घंटे के लिए।