अंकिता पटेल
तारीख को लेकर है कन्फ्यूजन? जानिए किस दिन रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत और क्या है उदयातिथि का नियम।
साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत सोमवार, 14 सितंबर को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार इसी दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि मौजूद रहेगी।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर की सुबह करीब 7:08 बजे शुरू होगी। इसलिए कुछ कैलेंडर या पंचांग में 13 सितंबर भी दिखाई दे सकता है।
तृतीया तिथि 14 सितंबर की सुबह करीब 7:06–7:07 बजे समाप्त होगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी।
हरतालिका तीज के लिए उदयातिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। 14 सितंबर को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि होने के कारण इसी दिन व्रत रखना उचित माना गया है।
2026 में तृतीया सुबह समाप्त होने के बाद चतुर्थी शुरू होगी। इसलिए हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों 14 सितंबर को पड़ रहे हैं। यह सामान्य वर्षों से अलग स्थिति है।
उज्जैन आधारित पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को प्रातःकाल हरतालिका पूजा का समय सुबह 6:16 बजे से 8:43 बजे तक बताया गया है। हालांकि सूर्योदय के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।
हरतालिका तीज को माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव से उनके विवाह से जोड़कर देखा जाता है। विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और पति की दीर्घायु की कामना से व्रत रखती हैं।
इस दिन महिलाएं पारंपरिक परिधान और श्रृंगार करती हैं। कई जगहों पर मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा, व्रत कथा और भजन-कीर्तन की परंपरा भी है।
13 सितंबर को तृतीया शुरू होगी, लेकिन 14 सितंबर के सूर्योदय के समय तृतीया होने के कारण हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा।