सिमरन सिंह
एमपी के सागर में जैसनगर ब्लॉक में एक ऐसा गांव है, जहां हनुमान जी के मंदिर पर विवादों का निपटारा होता है
महुआ खेड़ा गांव में जब भी कोई विवाद होता है, तो लोग हनुमान मंदिर को अदालत मानकर पंचायत करते हैं।
इस परंपरा की शुरुआत गांव के बुजुर्गों ने इसलिए की थी, ताकि कोर्ट-कचहरी और कचहरी के कारण रिश्ते खराब न हों।
महुआ खेड़ा में आज तक कोई विवाद थाने तक नहीं पहुंचा है और सभी विवादों का निपटारा पंचायत द्वारा किया जाता है।
इस परंपरा के अनुसार, पंचायत में फैसला होने के बाद आमतौर पर दंड के तौर पर मंदिर में दान देने की परंपरा है।
गांव के लोगों के अनुसार, इस परंपरा से आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और कोई बड़ा झगड़ा नहीं होता।
हनुमान जी के मंदिर में लोग आपस में बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से विवादों का समाधान करते हैं।
गांव के युवा भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं और इसका पालन करते आ रहे हैं।
यह सौहार्दपूर्ण गांव आज भी विकास की कमी महसूस करता है।
महुआ खेड़ा को हाल ही में विवाद मुक्त योजना के तहत पुरस्कार मिला है, लेकिन यहां विकास कार्य अभी भी अधूरा है।