मनोज पांडे
गूगल ने कैलिफोर्निया में आयोजित अपने सबसे बड़े इवेंट ‘गूगल आई/ओ 2023’ में एआई चैटबॉट ‘बार्ड’ लॉन्च किया है। बार्ड अब भारत सहित 180 देशों में उपलब्ध है।
बार्ड को लॉन्च करने से साथ ही गूगल ने इसे इस्तेमाल करने से संबंधित कुछ वार्निंग भी दी हैं।
बार्ड के नियम के अनुसार Google ने यूज़र्स को बार्ड के साथ पर्सनल जानकारी शेयर नहीं करने की चेतावनी दी है।
In this photo illustration, a Google Bard AI logo is
बार्ड गूगल यूजर्स के अकाउंट से डाटा को डिफॉल्ट रूप से 18 महीनों के लिए स्टोर करता है। बार्ड का इस्तेमाल करने से पहले आपको कुछ सावधानियों के बारे में पता होना चाहिए।
Google ने यह भी बताया है कि यूज़र्स को किन चीजों के लिए बार्ड पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि लोगों को चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय या अन्य पेशेवर सलाह के रूप में बार्ड की प्रतिक्रियाओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
गूगल ने चेतावनी दी कि बार्ड में किसी भी प्रकार की गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा करने से भी बचना चाहिए।
Google बार्ड यूजर्स को अपना डेटा मैनेज करने का भी ऑप्शन देता है। लोग कभी भी अपनी बार्ड एक्टिविटी को बंद कर सकते हैं और रजिस्टर्ड अकाउंट से बार्ड एक्टिविटी को हटा सकते हैं। इसके लिए “myactivity.google.com/product/bard” पर जाना होगा।