सिमरन सिंह
कीवर्ड टाइप करो, लिंक खोलो और जवाब तलाशो। लेकिन अब इंटरनेट पर सर्च करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। AI Search सीधे सवाल का जवाब देने लगा है।
Google Search मुख्य रूप से कीवर्ड और वेब पेज पर आधारित है। आप सवाल लिखते हैं और Google उससे जुड़े लाखों वेब पेजों में से सबसे प्रासंगिक लिंक खोजकर सामने रखता है।
Google आपको संभावित जवाब वाली वेबसाइटों की लिस्ट देता है। इसके बाद आपको अलग-अलग लिंक खोलने, जानकारी पढ़ने और स्रोतों की तुलना करने के बाद अपना निष्कर्ष निकालना पड़ता है। यानी Google आपको जवाब तक पहुंचने का रास्ता दिखाता है।
अब ChatGPT, Perplexity और Google के AI Overviews जैसे टूल्स सर्च का तरीका बदल रहे हैं। यहां आपको सिर्फ कीवर्ड नहीं, बल्कि पूरा सवाल पूछकर जवाब हासिल करने की सुविधा मिलती है।
AI Search बड़े लैंग्वेज मॉडल यानी LLM की मदद से सवाल को समझता है। यह यूजर की मंशा को समझने की कोशिश करता है, उपलब्ध जानकारी को प्रोसेस करता है और फिर उसे एक आसान और व्यवस्थित जवाब में बदल देता है।
Google में आपको कई वेबसाइटों के लिंक मिलते हैं। AI Search में अक्सर एक तैयार जवाब सामने आता है। जरूरत पड़ने पर कई AI टूल्स जवाब के साथ सोर्स लिंक भी देते हैं, जिससे यूजर मूल जानकारी को जांच सकता है।
अगर सवाल आसान है, जैसे किसी शब्द का मतलब या मौसम की जानकारी, तो दोनों तरीके तेजी से काम कर सकते हैं। लेकिन किसी जटिल सवाल के कई पहलुओं को एक साथ समझना हो, तो AI Search जानकारी को एक जगह व्यवस्थित करके ज्यादा आसानी से समझा सकता है।
AI का जवाब हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं है। कभी-कभी AI गलत या बनाई हुई जानकारी को भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पेश कर सकता है। इसे AI Hallucination कहा जाता है।
Google Search में यूजर अलग-अलग स्रोतों को खुद देख सकता है और उनकी विश्वसनीयता की तुलना कर सकता है। इसलिए जरूरी मामलों में सिर्फ AI के जवाब पर निर्भर रहना सही नहीं है। सेहत, पैसा और कानून से जुड़े सवालों में जानकारी को जरूर क्रॉस-चेक करें।
Google या AI Search? इसका जवाब सवाल पर निर्भर करता है। Google आपको वेब की ओर ले जाता है, जबकि AI Search जानकारी को आपके लिए समेटकर जवाब देने की कोशिश करता है। आने वाले समय में दोनों का इस्तेमाल साथ-साथ बढ़ सकता है जहां जरूरत हो वहां Google से स्रोत खोजें और AI से जटिल जानकारी को आसानी से समझें।