सिमरन सिंह
गणेश जी को भोग में मोदक, लड्डुओं, दूर्वा, साबुत सुपारी, साबुत हल्दी और जनेऊ अर्पित करते है लेकिन तुलसी नहीं
हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र और पूजनीय माना गया है।
गणेश जी की पूजा में तुलसी वर्जित होती है।
कथा में एक बार गणेशजी गंगा नदी के किनारे तपस्या कर रहे थे। तभी तीर्थ यात्रा पर तुलसी गंगा के तट पर पहुंचीं।
गणेश जी के इस रूप पर तुलसी जी मोहित हो गई और वह श्रीगणेश से विवाह करना चाहती थी।
गणेश जी ने यह कहकर तुलसी जी का प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वे ब्रह्मचारी हैं।
विवाह प्रस्ताव ठुकराने के बाद नाराज तुलसी ने गणेशजी को शाप में दो विवाह दे दिए।
श्री गणेश ने भी तुलसी को शाप दिया कि उनका विवाह एक असुर से होगा। साथ ही वो कभी गणेश की पूजा में नहीं होगी।