वनवास

सिमरन सिंह

ऋषि—मुनि

वनवास में पांडवों के पास कई ऋषि—मुनि उनके पास भोजन करने आते थे

द्रौपदी ने कही ये बात

ऐसे में द्रौपदी ने युधिष्ठिर से कहा कि वह इस समस्या का समाधान करें।

सूर्यदेव की तपस्या

तब युधिष्ठिर ने जल में कई दिनों तक सूर्यदेव की तपस्या की। जिससे सूर्यदेव ने प्रकट होकर समस्या पूछी।

भोजन की समस्या

युधिष्ठिर ने सूर्यदेव को भोजन की समस्या बताई।

दिव्य बर्तन

तब सूर्यदेव ने युधिष्ठिर को एक दिव्य बर्तन दिया बर्तन में खाना कभी खत्म नहीं होगा।

द्रौपदी का खाना

सूर्यदेव ने दिव्य पात्र के साथ यह निर्देश दिया कि जब तक द्रौपदी अपना भोजन समाप्त नहीं कर लेती तब तक इस में भोजन रहेगा।

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