सुनीता पांडे
राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर में एक अनोखा मेला लगता है।
इस मेले में कुंवारे युवक बेंत यानी लठ्ठ से मार खाने के लिए आते हैं।
दरअसल यह मान्यता है कि इस मेले में जिसे महिलाएं लठ्ठ मार देती है, उसकी जल्दी शादी हो जाती है।
मेले में पूरे शहर के कुंवारे बेंत खाने को आतुर रहते है, मार खाने के बाद उन्हें उम्मीद रहती है कि बस अब जीवन संगिनी मिल जाएंगी।
यही कारण है कि इस बेंत के मार को यहां प्रसाद समझा जाता है।
प्राचीन काल से चले आ रहे इस मेले की खासियत यह है कि इसमें भाभी अपने देवर और अन्य कुंवारों को प्यार से छड़ी से मारती है।
इस मेले के दौरान महिलाएं रात भर हाथों में छड़ी लेकर शहर की सड़कों पर नजर आती हैं और जैसे ही कोई पुरुष दिखता है उसकी पिटाई कर देती हैं।
जोधपुर में सदियों से धींगा गवर की पूजा की जाती है। इस दौरान गंवर माता को अलग-अलग बस्तियों में बैठाया जाता है।
गवर पूजा के 16वें दिन महिलाएं पूरी रात जागकर भजन-कीर्तन करती हैं।